शादी की रस्में क्या हैं? विवाह संस्कार क्या है
शादी की रस्में क्या हैं? विवाह संस्कार क्या है
यदि कोई बुद्धिमान व्यक्ति विवाह योग्य आयु का हो जाता है, तो उसे कभी भी लड़की का सौंदर्य देकर विवाह का प्रस्ताव न दें।
शुद्ध आचरण वाली लड़की से शादी करें।
वर-वधू का स्वभाव कठोर नहीं होना चाहिए। कठोर वचन और वचन बोलने वालों से विवाह न करें।
शास्त्रों के अनुसार जन्म से ही अंगों से विवाह वर्जित है।
जिस लड़की के चेहरे पर मर्दों की तरह मूछों के निशान होते हैं।
वर का स्वभाव स्त्री जैसा होना चाहिए और स्त्री का स्वभाव पुरुष की कार से विवाह नहीं करना चाहिए।
लड़की की आवाज कौवे की तरह बहुत धीमी और कर्कश नहीं होनी चाहिए।
जिस लड़की की टखनों को ऊंचा उठाया जाता है और उसके पैर सपाट नहीं होने चाहिए, उसके हाथ और पैर भारी नहीं होने चाहिए।
लड़की की भौहें आपस में नहीं जुड़नी चाहिए।
किसके दांत आगे आते हैं और जिसके दाँत आगे की ओर निकले नही चाहिए।?
कन्या का संबंध माता पक्ष की पीढ़ी से और पिता की ओर से सातवीं पीढ़ी तक नहीं होना चाहिए। आपको अपने गोत्र, माता के कुल, दादा और दादी के कुल को छोड़कर विवाह करना चाहिए।
अपने ही धर्म में विवाह को शुभ माना गया है।
विवाह को अन्य धर्मों और जातियों में वर्जित माना जाता है। दूसरे धर्म में विवाह करने से संकर संतान को जन्म मिलता है।
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